नयी दिल्ली : भारतीय रेल (Indian Railways) ने अपनी खाली जमीनों को राजस्व में हिस्सेदारी के आधार पर वाणिज्यिक पट्टे पर देने की अपनी नयी नीति के अंतर्गत 2025-26 तक कुल 900 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व कमाया। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने शुक्रवार को रेलवे की जमीनों पर अवैध कब्जे के संबंध में सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर के दौरान दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पिछली संप्रग सरकार के समय गठित रेल भूमि विकास प्राधिकरण (वार्ता) के (Rail Land Development Authority Constituted) काम काज को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया है। रेलवे की खाली पड़ी जमीनों को वाणिज्यिक कार्य या आवासीय परियोजनओं के लिए राजस्व में हिस्सेदारी के आधार पर आवंटित करने की नीति लागू की गयी है।
इसके अंतर्गत खुली निविदा के आधार पर लुधियाना, दिल्ली, भुवनेश्वर , बेंगलूरू और चेन्नई जैसे नगरों में रेलवे के कुछ भूखंडों के आवंटन किये गये। रेल मंत्री ने बताया कि राजस्व में भागीदारी की इस नीति से 2025-6 तक रेलवे को 900 करोड़ रुपये की आय हुई थी। उन्होंने कहा कि इसमें आने वाले समय में और वृद्धि होगी। वैष्णव ने बताया कि रेलवे की 4.99 लाख हेक्टेयर जमीन में से 0.21 प्रतिशत ( करीब1068 हेक्टेयर) पर अवैध कब्जे हैं। इन्हें खाली कराने के लिए समय समय पर कार्रवाई की जाती है और 33.67 पिछले पांच साल में हेक्येयर जमीन खाली कराने में सफलता मिली है।
मंत्री ने कहा कि रेलवे की जमीनों से झुग्गी झोपड़ी आदि हटाने के काम में मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखना पड़ता है और रेलवे यह काम राज्य सरकारों के सहयोग से करता है। उन्हाेंने बताया कि रेलवे की 80 प्रतिशत भूमि का रेलवे पटरियों में उपयोग होता है। पांच प्रतिशत जमीन पटरियों के किनारे सुरक्षित क्षेत्र में प्रयोग होती है। 15 प्रतिशत जमीन का उपयोग , रेलवे स्टेशन, आवास और अस्पताल आदि में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन पर अतिक्रमण कई जगह गंभीर समस्या है पर कई जगह गरीबों की झुग्गी झोपड़ियां है जिनको लेकर मानवीय संवेदनाओं के साथ चलना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे की जमीनाें पर अवैध कब्जे रोकने के लिए जमीनों का डिजटलीकरण किया गया है तथा उपग्रह अथवा ड्रोन आधारित सर्वे, निगरानी और मैपिंग करायी जा रही है। वैष्णव ने बताया कि सर्वे के आधार पर अद्यतन मानचित्रों का पिछले संदर्भवाले मानचित्रों से कर के नये अतिक्रमण की पहचान और कार्रवाई की जाती है। इससे अतिक्रमण की घटनाओं में कमी आयी है। उन्होंने इस काम में राज्यों के सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए गुजरात के सूरत में रेलवे की जमीन को राज्य सरकार के साथ मिल कर खाली कराये जाने के एक मामले का उदाहरण दिया।
रेल मंत्री ने कहा कि वहां रेलवे की जमीन पर लंबी अवधि से झुग्गी बस्ती बसा कर रह रहे लोगों को राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दूसरी जगह बसाने में मदद की। रेलवे की खाली जमीन को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयोग के कांग्रेस की रंजीत रंजन के एक अनुपूरक प्रश्न पर श्री वैष्णव ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बड़े क्षेत्र की जरूत होती है। भारतीय रेल ने मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिल कर 150 मेगावाट क्षमता की एक सौर ऊर्जा परियोजना लगायी है। रेलवे जहां भी संभव है सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा जैसी स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को अपने के लिए हमेशा तैयार रहता है।



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