उदयपुर। राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर में चल रहे श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ, (Maha Lakshmi Koti Kumkumarchan ) पूजा, साधना महामहोत्सव का सोमवार को विधिपूर्वक समापन हुआ। महालक्ष्मी महायज्ञ में 1008 समृद्धि कलश सिद्ध (sacred pots) किये गए। हजारों किलो मेवे, प्राकृतिक ओषधियों, चंदन, गाय के शुद्ध देशी की हजारों आहुतियां प्रतिदिन हुई। जगद्गुरू देव की निश्रा में काशी के 135 विद्वानों द्वारा विधि विधान के साथ समूची यज्ञ पूजा सम्पन्न करवाकर जनसामान्य के सुख समृद्धि की कामना की गई।
समिति के अध्यक्ष नानालाल बया, (Nanalal Bayya) महामंत्री देवेन्द्र मेहता ने बताया कि महोत्सव की आठवीं रात्रि में कथा श्रवण कराते वसंत विजयानन्द गिरी महाराज ने बताया कोई ईंट मिट्टी का घर बनाकर प्रसन्न होते हैं लेकिन भाग्यशाली वे होते हैं जो भगवान का घर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान उन्ही पर कृपा बरसाते हैं जो उन्हें हृदय में बसाता है। हृदय के देवता ही सच्चे देवता हैं। उन्होंने कहा कि विचार और मुख से निकले शब्दों के अनुसार आपके आसपास तरंगें चलती हैं। इसलिए आप सोचेंगे जीवन मे आनन्द है और आनंद आएगा तो आप आनन्दित हो उठेंगे। आपने परेशानी के बारे में सोचा और बोला तो वह बढ़ेगी। हमेशा स्वच्छ रहें, स्वच्छ वस्त्र पहनें। आपके जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Mon, Jan 05 , 2026, 08:43 PM