Shaktipeeth Highway Latest Updates: महाराष्ट्र के कई बड़े रोड प्रोजेक्ट्स (road project) में अब एक और रोड का नाम जुड़ जाएगा। एक तरफ समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Mahamarg) ने महाराष्ट्र के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ यह कहा जा सकता है कि शक्तिपीठ हाईवे (Shaktipeeth Highway) राज्य में रोड ट्रैवल को बढ़ावा देगा। सतारा के नजरिए से इस हाईवे के बारे में हाल ही में एक जरूरी जानकारी सामने आई है। जिसमें यह साफ हो गया कि शक्तिपीठ हाईवे सतारा से होकर गुजरेगा। 13 जिलों, 40 गांवों और 400 गांवों को जोड़ने वाले इस हाईवे से अब गोवा जाना बहुत आसान हो जाएगा। राज्य सरकार (state government) ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट के लिए रिवाइज्ड प्लान जारी किया है, जिससे यह भी साफ हो गया है कि इस हाईवे से राज्य के किन हिस्सों को सीधा फायदा होगा।
सतारा को मिलेगी शक्तिपीठ हाईवे की ताकत
राज्य के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ हाईवे प्रोजेक्ट (Shaktipeeth Highway project) में अब एक बहुत ही अहम बदलाव किया गया है। इसके चलते यह हाईवे सतारा जिले से होकर गुजरेगा। रूट में बदलाव की वजह से प्रोजेक्ट की लागत 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हाईवे के लिए जमीन देने के किसानों के कड़े विरोध की वजह से राज्य सरकार ने कोल्हापुर जिले में रूट प्लानिंग का नोटिफिकेशन कैंसिल कर दिया था। जिसके बाद अब इस रूट के लिए रिवाइज्ड प्लान तैयार किया गया है।
रिवाइज्ड प्लान के मुताबिक, करीब 760 km लंबा यह हाईवे नागपुर और गोवा के बीच सैकड़ों गांवों को जोड़ेगा। जिसमें नागपुर से गोवा की दूरी 18 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगी। महाराष्ट्र के 13 जिले, 40 तालुका और करीब 400 गांव इससे जुड़ जाएंगे। जिससे माहुर, तुलजापुर, कोल्हापुर जैसे शक्ति पीठों समेत करीब 21 धार्मिक जगहें जुड़ जाएंगी। इस हाईवे के बन जाने के बाद राज्य के पूरब-पश्चिम हिस्सों में सफर तेज और आसान हो जाएगा। इस हाईवे का ओरिजिनल प्लान फरवरी 2024 में ही मंजूर हो गया था।
जिसके मुताबिक यह हाईवे वर्धा, यवतमाल, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग जैसे 12 जिलों से होकर गुजरना था। बाद में इस हाईवे को महाराष्ट्र-गोवा बॉर्डर पर कोंकण एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि, कोल्हापुर और सांगली में किसानों और जमीन मालिकों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था। चुनाव से ठीक पहले किसानों ने हाईवे के लिए जमीन देने से मना कर दिया था, जिसके बाद अब इसके रिवाइज्ड प्लान को मंजूरी मिल गई है।
क्या है रिवाइज्ड प्लान? राज्य सरकार द्वारा मंज़ूर शक्ति पीठ हाईवे के बदले हुए प्लान के मुताबिक, अब यह हाईवे वर्धा, यवतमाल, बीड और लातूर में ओरिजिनल प्लान के हिसाब से ही रहेगा। जबकि, बाकी ज़िलों में इस हाईवे के प्लान में बदलाव किया गया है, जिसमें सतारा का नाम भी शामिल है। नए प्लान के मुताबिक, यह हाईवे वर्धा के दिगराज और सिंधुदुर्ग के बांदा के बीच यात्रियों की सेवा में रहेगा।
यह हाईवे किन शक्ति पीठों और तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा?
इस हाईवे से महुरगढ़, तुलजापुर और कोल्हापुर शक्ति पीठों और अंबेजोगाई से जुड़ेंगे। इसके अलावा, अक्कलकोट, गंगापुर, नरसोबाची वाडी, औदुंबर के गुरुस्थल भी शक्ति पीठ हाईवे से जुड़ेंगे। इसके अलावा, पंढरपुर, ज्योतिबा, परली वैद्यनाथ, औंधा नागनाथ और दूसरी जगहों पर भी इस शक्ति पीठ हाईवे से आसानी से पहुंचा जा सकेगा। गोवा, जो अपने बीच के लिए जाना जाता है, इस हाईवे से पैदल दूरी पर है, और इसलिए, गोवा के पुराने और खूबसूरती से बने मंदिरों को भी इस हाईवे से घूमकर आसानी से देखा जा सकता है।



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Thu, Apr 02 , 2026, 02:00 PM