H1B Visa: भारतीय प्रवासियों के लिए अमेरिकी सरकार का बड़ा कदम; खुलेगा ग्रीन कार्ड का रास्ता 

Tue, Feb 06 , 2024, 11:12 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

H1B1 Visa Holders: वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि कई भारतीय विदेश में बसने (settle abroad) के लिए जा रहे हैं। इनमें कई भारतीय काम के लिए अमेरिका में बस गए हैं। इन भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी संसद में हाल ही में भारत के अप्रवासियों  (immigrants from India) को लेकर एक अहम प्रस्ताव पेश किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा समझौता कहे जाने वाले प्रस्ताव के तहत एच-1बी वीजा धारकों (H1B Visa Holders) के साझेदारों के अमेरिका में काम करने के अधिकार और उनके बच्चों के अधिकारों की रक्षा का प्रावधान है। इस बीच, एच-1बी वीजा धारकों के पति/पत्नी और बच्चों को एच-4 वीजा (H-4 visa holders) जारी किया जाता है। माना जा रहा है कि इस श्रेणी में एक लाख एच-4 वीजा धारक हैं, जिन्हें इस समझौते से फायदा होने की उम्मीद है। 
अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेतृत्व (Republican and Democratic leadership) के बीच लंबी बातचीत के बाद रविवार को 'राष्ट्रीय सुरक्षा समझौता(National Security Agreement)' पेश किया गया। अमेरिकी सरकार का प्रस्ताव उन भारतीय तकनीकी पेशेवरों के लिए एक स्वागत योग्य खबर है जो पिछले कई दिनों से ग्रीन कार्ड (green card) का इंतजार कर रहे हैं। ग्रीन कार्ड के बिना, एच-1बी वीजा धारकों के साथी अमेरिका में काम नहीं कर सकते हैं और उनके बच्चों पर लगातार निर्वासन का खतरा बना रहता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है। आसान शब्दों में कहें तो जैसे भारत में राशन कार्ड, अमेरिका में ग्रीन कार्ड। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में अप्रवासियों को जारी किया जाने वाला एक दस्तावेज़ है, जिसके तहत वीज़ा धारक (visa holder) को संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का अधिकार दिया जाता है। हर देश में ग्रीन कार्ड जारी करने की एक निश्चित सीमा होती है।

अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों पर राष्ट्रपति जो बिडेन (US President Joe Biden) ने कहा कि आव्रजन प्रणाली बहुत लंबे समय से और दशकों से टूटी हुई है। यदि हम अपने देश के मूल्यों को सुरक्षित रखेंगे, तो देश सुरक्षित रहेगा, हमारी सीमाएँ सुरक्षित रहेंगी, लोगों के साथ उचित व्यवहार किया जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा समझौता वास्तव में क्या है?
रविवार को अमेरिकी कांग्रेस में 118.28 अरब डॉलर के पैकेज वाले राष्ट्रीय सुरक्षा समझौते की घोषणा की गई। इस सौदे में आप्रवासन से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं, जिससे सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और इज़राइल और यूक्रेन को अधिक युद्ध सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आप्रवासियों, विशेष रूप से भारतीय समुदाय (Indian community) के लोगों को बहुत लाभ होगा। विधेयक का उद्देश्य एच-1बी वीजा धारकों के वयस्क बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना, इस श्रेणी के वीजा धारकों के भागीदारों को रोजगार अधिकार प्रदान करना और ग्रीन कार्ड कोटा बढ़ाना है। विश्लेषकों का कहना है कि इस बिल के संसद के दोनों सदनों में पारित होने की संभावना है। 

H-1B वीजा धारकों के बच्चों को भी लाभ मिलता है
साथ ही भारतीय अमेरिकी अप्रवासियों के बच्चों को भी फायदा होगा। इस बिल के मुताबिक H-1B वीजा धारकों के बच्चों को लंबे समय तक सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत अगले पांच साल तक हर साल 18000 लोगों को रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड मिलेगा। 

H1B वीजा क्या है?
H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा (non-immigrant visa) है। एच1बी वीजा आमतौर पर अमेरिका में काम करने जाने वाले लोगों को दिया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को उन कुशल श्रमिकों को काम पर रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी है। इसके बाद उसे ग्रीन कार्ड दिया जाता है। इस वीजा की वैधता छह साल है। अमेरिकी कंपनियों की मांग के कारण भारतीय आईटी पेशेवरों को यह वीजा सबसे ज्यादा मिलता है। जिन लोगों का H-1B वीजा समाप्त हो रहा है वे अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। H-1B वीजा धारक अपने बच्चों और जीवनसाथी के साथ अमेरिका में रह सकता है।

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