नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बुधवार को कहा कि सीमा सड़क संगठन (BRO) राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और संपर्क को ध्यान में रखकर देश में एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। सिंह ने आज यहां यहां बीआरओ पर रक्षा मंत्रालय (Parliamentary Consultative Committee) की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की । बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और परिचालन तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रक्षा, अवसंरचना विकास तथा रणनीतिक पहलों से संबंधित मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। सीमाओं के साथ मजबूत अवसंरचना की आवश्यकता पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि बीआरओ राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और संपर्क को समाहित करने वाला एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। उन्होंने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र तथा वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने के लिए बीआरओ के प्रयासों की सराहना की, जिससे सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में योगदान मिला है।
उन्होंने कहा, "बीआरओ ने रक्षा बलों की गतिशीलता को सुगम बनाया है और निवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य किया है।" उन्होंने कहा कि लगभग 1,600 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा के साथ अवसंरचना विकसित करने का कार्य भी बीआरओ को सौंपा गया है, जो सीमा प्रबंधन क्षमताओं को और मजबूत करेगा।
बैठक में सीमा सड़क विकास कार्यक्रम 2023-28 के तहत हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिसके अंतर्गत सीमा संपर्क को और सुदृढ़ करने के लिए नए निर्माण, उन्नयन और रखरखाव कार्यों सहित 1,000 से अधिक सड़क और अवसंरचना परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस नेटवर्क के माध्यम से दूरस्थ और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी सभी मौसमों में संपर्क सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे परिचालन गतिशीलता और रक्षा तैयारियां मजबूत हो रही हैं।
'प्रौद्योगिकी के उपयोग' के महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बीआरओ उच्च ऊंचाई उपकरण, मॉड्यूलर पुलों और प्रीकास्ट प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए आधुनिक निर्माण तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। उन्होंने कहा, "बीआरओ ने अपने कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों में वृद्धि की है। यह दर्शाता है कि हम भविष्य के लिए तैयार अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं।" उन्होंने बीआरओ को बजटीय समर्थन, आधुनिक उपकरणों और उनके कर्मियों के कल्याण से संबंधित पहलों के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
महानिदेशक सीमा सड़क लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने सदस्यों को बीआरओ की भूमिका, प्रमुख उपलब्धियों, कठिन भूभाग और अत्यधिक जलवायु परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों तथा आपदा प्रबंधन में इसके योगदान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। वर्ष 1960 में स्थापित बीआरओ ने 64,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों, 1,179 पुलों, 22 हवाई पट्टियों और 07 सुरंगों का निर्माण किया है, जिससे सीमा क्षेत्रों में परिचालन तत्परता और सामाजिक-आर्थिक विकास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीआरओ द्वारा निष्पादित प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं और उत्तरी सीमा के साथ सड़कों के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
समिति को बताया गया कि सीमा अवसंरचना विकास ने परिचालन तैयारियों में सुधार किया है और सीमा क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेज किया है, जो विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में योगदान दे रहा है। अफगानिस्तान, भूटान, म्यांमार और ताजिकिस्तान जैसे मित्र देशों में परियोजनाओं के निष्पादन में बीआरओ की भूमिका भी बताई गई। बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी के कामत, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, पूर्व सैनिक कल्याण सचिव सुकृति लिखी, वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) राज कुमार अरोड़ा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Mar 25 , 2026, 08:51 PM