Beauty Tips: पोर्स हमारी त्वचा की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे छेद होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके ज़रिए सीबम (हमारी त्वचा का प्राकृतिक तेल) और पसीना त्वचा की सतह तक पहुँच पाता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है, शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और त्वचा साफ़-सुथरी नज़र आती है। लेकिन कभी-कभी ये पोर्स बहुत ज़्यादा दिखाई देने लगते हैं या बंद हो जाते हैं, जिसके लिए त्वचा की देखभाल का एक अलग तरीका अपनाना पड़ता है। लेकिन मुख्य सवाल यह है कि इन्हें पहचाना कैसे जाए?
खुले पोर्स क्या होते हैं?
खुले पोर्स का मतलब है ऐसे पोर्स जो बड़े हो गए हों या साफ़-साफ़ दिखाई देते हों; ये सामान्य से ज़्यादा बड़े नज़र आते हैं। ये आपकी त्वचा की सतह पर छोटे-छोटे छेदों या गड्ढों जैसे दिखाई देते हैं और ज़्यादातर गालों, माथे और नाक पर नज़र आते हैं। ज़्यादा तेल बनने की वजह से आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा चमकदार या तैलीय (greasy) लग सकती है। इसका मुख्य कारण ब्लैकहेड्स होते हैं, जिनकी वजह से खुले पोर्स की समस्या पैदा होती है, क्योंकि वहाँ तेल और मृत त्वचा (dead skin) अक्सर ऑक्सीडाइज़ हो जाते हैं। इसकी वजह कोई प्रोडक्ट जमा होना, सूरज की रोशनी से होने वाला नुकसान, आनुवंशिकता (genetics), ज़्यादा सीबम बनना और समय से पहले बुढ़ापा आना हो सकते हैं।
बंद या फँसे हुए पोर्स क्या होते हैं?
बंद पोर्स आमतौर पर ऐसे पोर्स होते हैं जो अवरुद्ध (blocked) हो जाते हैं और त्वचा की एक पतली परत से ढके रहते हैं, जिससे तेल त्वचा की सतह तक नहीं पहुँच पाता। अगर आपको त्वचा के नीचे छोटे-छोटे उभार (bumps) दिखाई दें, न कि खुले छेद—और साथ में व्हाइटहेड्स या बंद कॉमेडोन भी नज़र आएँ—तो इसका मतलब है कि आपको बंद पोर्स की समस्या है। आपकी त्वचा खुरदरी और ऊबड़-खाबड़ महसूस होगी, और त्वचा की बनावट (texture) भी बदल जाएगी। ऐसा तब होता है जब त्वचा के नीचे ज़्यादा तेल फँस जाता है, मृत त्वचा कोशिकाएँ जमा हो जाती हैं, हार्मोनल बदलाव होते हैं, या त्वचा की देखभाल वाले प्रोडक्ट्स का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
खुले पोर्स की देखभाल के लिए सुझाव
शुरुआत में, दिन में दो बार हल्के क्लींज़र का इस्तेमाल करके त्वचा से अतिरिक्त तेल हटाएँ, और सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए सैलिसिलिक एसिड या नियासिनमाइड का इस्तेमाल करें। हफ़्ते में दो बार क्ले मास्क या मुल्तानी मिट्टी लगाएँ, और सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें; क्योंकि सूरज की किरणें त्वचा की लोच (elasticity) को कमज़ोर कर देती हैं, जिससे पोर्स और भी बड़े हो जाते हैं।
बंद पोर्स की देखभाल के लिए सुझाव
हर दिन AHA और BHA जैसे केमिकल एक्सफ़ोलिएंट्स का इस्तेमाल करके अपनी त्वचा को एक्सफ़ोलिएट करें। भारी क्रीम लगाने से बचें, क्योंकि वे आपके पोर्स को बंद कर सकती हैं। इसके बजाय, रेटिनोइड्स का इस्तेमाल शुरू करें, जो त्वचा की कोशिकाओं के नवीनीकरण (cell turnover) में मदद करेंगे। साथ ही, त्वचा की सफ़ाई का एक नियमित क्रम बनाए रखें, ताकि त्वचा पर किसी भी प्रोडक्ट की परत जमा न हो पाए। DIY उपायों का इस्तेमाल करें, जैसे कि दही लगाना—जो एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर है—इससे मृत त्वचा कोशिकाएँ हट जाएँगी और आपकी त्वचा को आराम भी मिलेगा।



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