Hanumanji Prasad: हाँ, हनुमान जी को तुलसी का भोग अवश्य लगता है। मान्यताओं के अनुसार, उनके भोग में तुलसी दल (पत्ते) शामिल करना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है।
इसके पीछे मुख्य कारण और महत्व निम्नलिखित हैं:
भूख शांत करने की कथा: एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी को बहुत अधिक भूख लगी थी, तो माता सीता द्वारा खिलाए गए ढेरों पकवानों से भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। तब भगवान श्री राम के सुझाव पर माता सीता ने उन्हें तुलसी का एक पत्ता खिलाया, जिससे उनकी भूख तुरंत शांत हो गई। तभी से भोग में तुलसी रखने की परंपरा चली आ रही है।
प्रभु श्री राम का प्रेम: हनुमान जी श्री राम के परम भक्त हैं और तुलसी भगवान विष्णु (और उनके अवतार श्री राम) को अत्यंत प्रिय है। तुलसी अर्पित करने से श्री राम प्रसन्न होते हैं, जिससे उनके भक्त हनुमान जी भी प्रसन्न हो जाते हैं।
अपूर्ण भोग: माना जाता है कि बिना तुलसी दल के हनुमान जी का भोग स्वीकार्य या पूर्ण नहीं होता। विशेषकर मंगलवार को हनुमान जी को तुलसी की माला या प्रसाद में तुलसी के पत्ते चढ़ाने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।
हनुमान जी और तुलसी के पत्ते के लाभ:
भोग में अनिवार्य: हनुमान जी को कोई भी भोग लगाने से पहले तुलसी के पत्ते डालना आवश्यक माना जाता है, बिना इसके भोग अधूरा माना जाता है।
प्रसाद स्वरूप: तुलसी अर्पण करने के बाद उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से स्वास्थ्य हमेशा बेहतर बना रहता है।
संकट मोचन: हनुमान जी को तुलसी के पत्ते और कलावा की माला अर्पित करने से हर तरह के काम फटाफट पूरे हो जाते हैं।
राम नाम का उपाय: 108 तुलसी के पत्तों पर चंदन से 'राम' नाम लिखकर माला बनाकर चढ़ाने से विशेष लाभ मिलता है।
नोट: यद्यपि कुछ मान्यताओं में तुलसी के पत्तों को हनुमान जी की पूजा में वर्जित माना जाता है, लेकिन अधिकांश परंपराओं में, विशेष रूप से राम भक्त हनुमान जी को तुलसी का भोग अत्यंत शुभ माना जाता है।



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Tue, Feb 17 , 2026, 09:30 AM