Petrol Diesel Price, CNG Rate 03 April 2026: ग्लोबल लेवल पर चल रहे टेंशन का असर अब फ्यूल मार्केट (fuel market) पर ज्यादा साफ दिख रहा है। इस टेंशन के बावजूद भारत के आम नागरिकों को फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (hike in petrol and diesel prices) महसूस नहीं हो रही है। फिलहाल भारतीय कंज्यूमर्स (Indian consumers) को राहत मिली है। हालांकि, इसके पीछे एक अलग इकोनॉमिक वजह है। जिसकी वजह से ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें (crude oil prices) $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर कई देशों में फ्यूल की कीमतों पर पड़ा है और पेट्रोल और डीजल की कीमतों (cost of petrol and diesel) में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, भारत में कीमतें स्टेबल रखी गई हैं, जिससे कंज्यूमर्स को राहत मिली है।
बड़े शहरों में आज के रेट्स
आज के CNG रेट
दिल्ली: ₹77.09
मुंबई: ₹80.50
पुणे: ₹91.50
लखनऊ: ₹96.75
इंदौर: ₹95.45
कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है
कीमतें फिक्स रखने का असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ रहा है। ऑफिशियल जानकारी के मुताबिक, कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल बेचने पर करीब 24 रुपये और डीज़ल पर 104 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को 'अंडर-रिकवरी' कहते हैं। यानी यह गैप इसलिए पैदा होता है क्योंकि प्रोडक्शन और इंपोर्ट कॉस्ट ज़्यादा होने के बावजूद सेलिंग प्राइस कम रखा जाता है। कंपनियां इस नुकसान को अपने प्रॉफिट से कवर कर रही हैं, जिससे उनकी फाइनेंशियल कंडीशन पर दबाव बढ़ गया है।
सरकार का फैसला
सरकार ने आम नागरिक पर महंगाई का एक्स्ट्रा बोझ न पड़े, इसके लिए पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। इसके लिए पहले एक्साइज ड्यूटी कम की गई थी। साथ ही, तेल कंपनियों को कीमतें फिक्स रखने के सिग्नल दिए गए हैं। युद्ध के बैकग्राउंड में, कच्चे तेल की कीमतें $65 से बढ़कर $100 से ज़्यादा हो गई हैं। हालांकि प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ी है, लेकिन कंज्यूमर्स को कुछ समय के लिए राहत देने का फैसला किया गया है।
सप्लाई की स्थिति स्टेबल?
हालांकि, अभी फ्यूल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है। सरकार के मुताबिक, अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का काफी स्टॉक सुरक्षित कर लिया गया है। देश की रिफाइनरियां पूरी कैपेसिटी से काम कर रही हैं, इसलिए पेट्रोल-डीजल और दूसरे बाय-प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है।
ग्लोबल लेवल पर कीमतों में बढ़ोतरी
युद्ध के कारण, कई देशों में फ्यूल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमतें 40 से 100 परसेंट तक बढ़ी हैं, जबकि डीजल की कीमतें भी 60 से 110 परसेंट तक बढ़ी हैं। इसलिए, भारत में कीमतों का स्टेबल होना काफी बड़ी राहत मानी जा रही है। मौजूदा स्थिति में, भारत में फ्यूल की कीमतें स्टेबल रखकर कंज्यूमर्स को बड़ी राहत दी गई है। हालांकि, तेल कंपनियों पर बढ़ता फाइनेंशियल प्रेशर चिंता की बात है। अगर ग्लोबल हालात बदलते रहे, तो भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



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Fri, Apr 03 , 2026, 03:37 PM