नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गिग इकोनॉमी में काम कर रही महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को 'सबसे संवेदनशील श्रम और महिला गरिमा से जुड़ा अहम मुद्दा' बताते हुए कहा है कि यह केवल रोजगार का नहीं, बल्कि महिलाओं की अस्मिता, समानता और सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा प्रश्न है। गांधी ने अपने सोशल मीडिया पेज फेसबुक पर सोमवार को एक पोस्ट में आरोप लगाया कि लाखों महिला श्रमिक बिना स्थिर आय, बीमा, मातृत्व सुरक्षा और कानूनी संरक्षण (Maternity protection and legal protection) के काम करने को मजबूर हैं और यह आधुनिक अर्थव्यवस्था में गहरी असमानता को उजागर करता है।
जनसंसद में गिग वर्कर्स के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद श्री गांधी ने कहा कि देश की डिलीवरी, राइड-शेयरिंग और अन्य प्लेटफ़ॉर्म आधारित सेवाओं में बड़ी संख्या में महिलाएँ काम कर रही हैं, लेकिन उनके पास न सामाजिक सुरक्षा है, न स्वास्थ्य सुविधाएँ और न ही आय की गारंटी है1 उनका कहना था कि जब एक महिला रात में डिलीवरी करती है या पूरे दिन सड़कों पर काम करती है, तो वह सिर्फ कमाई नहीं कर रही होती बल्कि वह अपने परिवार का भविष्य संभाल रही होती है। लेकिन बदले में उसे असुरक्षा और अनिश्चितता मिलती है जो यह महिला सम्मान के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है कि महिला गिग वर्कर्स दोहरे शोषण का सामना कर रही हैं। वे एक ओर आर्थिक अस्थिरता, दूसरी ओर कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान का अभाव झेल रही हैं। कई मामलों में उन्हें बिना किसी प्रभावी शिकायत तंत्र या संस्थागत सुरक्षा के असुरक्षित इलाकों में काम करना पड़ता है। मातृत्व लाभ, स्वास्थ्य बीमा और आकस्मिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं।
दलित और आदिवासी समुदायों से आने वाली महिला श्रमिकों की स्थिति को और ज्यादा संवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा कि वहां वर्ग, जाति और लिंग आधारित भेदभाव एक साथ काम करते हैं। उनका कहना था कि यदि हम महिला सम्मान की बात करते हैं, तो गिग वर्कर्स महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देना पड़ेगा। गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गिग सेक्टर के लिए अब तक कोई व्यापक और बाध्यकारी कानूनी ढांचा तैयार नहीं किया गया है, जिससे महिला श्रमिकों को सुरक्षा और अधिकार मिल सकें। उन्होंने दावा किया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ गिग वर्कर्स विशेषकर महिलाओं के लिए अधिकार-आधारित कानून, सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की दिशा में काम चल रहा है। उनका कहना था कि उनकी पार्टी एक ऐसा मॉडल कानूनी ढांचा तैयार कर रही है, जिसे देशभर में लागू किया जा सके, ताकि गिग वर्कर्स को पारंपरिक श्रमिकों की तरह कानूनी संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और गरिमा मिल सके।
कांग्रेस नेता के अनुसार गिग वर्कर्स संगठनों का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ रोजगार की नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बराबरी की है और महिला गिग वर्कर्स के सम्मान का सवाल अब राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ चुका है।



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Mon, Feb 16 , 2026, 09:17 PM