Chanakya Niti: चाणक्य नीति आचार्य चाणक्य द्वारा रचित एक प्राचीन भारतीय नीति-ग्रंथ है, जिसमें जीवन को सफल, सुखी और व्यावहारिक बनाने के सूत्र दिए गए हैं। यह नेतृत्व, कूटनीति, अर्थशास्त्र, और व्यक्तिगत आचरण पर आधारित 17 अध्यायों का संग्रह है, जो आज भी प्रासंगिक है। इसमें ज्ञान, अनुशासन, और सही निर्णय लेने की शिक्षा दी गई है।
चाणक्य नीति में वैवाहिक जीवन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जो शादी को लेकर होने वाली चिंताओं और डर को दूर करने में मदद कर सकती हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार, एक सफल और सुखी वैवाहिक जीवन की नींव सही जीवनसाथी का चुनाव और आपसी समझ है।
यहाँ चाणक्य नीति के आधार पर शादी के डर को दूर करने के कुछ प्रमुख सूत्र दिए गए हैं:
1. सही जीवनसाथी का चयन
बाहरी सुंदरता नहीं, गुण देखें: चाणक्य के अनुसार, केवल चेहरे की सुंदरता देखकर शादी नहीं करनी चाहिए। इंसान का दिल और उसके संस्कार (गुण) देखने चाहिए। दिखावे से अच्छा है कि आप ऐसे साथी को चुनें जो संस्कारी और धार्मिक हो।
बराबरी के घर में शादी: हमेशा अपने बराबर के कुल या परिवार में शादी करनी चाहिए। ज्यादा अमीर या बहुत गरीब घर में शादी करने से भविष्य में वैचारिक मतभेद की समस्या हो सकती है।
धैर्यवान और समझदार साथी: जीवन में हर समय सुख नहीं रहता, इसलिए ऐसा साथी चुनें जो कठिन समय में साथ निभाए।
2. शादी से पहले की स्पष्टता
डर दूर करने के लिए बात करें: अगर आपको शादी को लेकर डर है, तो उसे मन में न रखें। पार्टनर से अपने डर, कमजोरियां और भावनाएं खुलकर साझा करनी चाहिए।
भविष्य की योजनाएं: शादी से पहले एक-दूसरे की उम्मीदों और जीवन के लक्ष्यों पर चर्चा करने से बाद में गलतफहमी नहीं होती।
3. वैवाहिक जीवन को सफल बनाने के उपाय
विश्वास और ईमानदारी: रिश्ते की नींव झूठ और धोखे पर नहीं, बल्कि ईमानदारी पर टिकी होती है। एक-दूसरे पर भरोसा ही शादी को अटूट बनाता है।
अहंकार से बचें: पति-पत्नी के रिश्ते में 'मैं' की भावना (अहंकार) सबसे बड़ी दरार है। दोनों को एक-दूसरे के प्रति समर्पण भाव रखना चाहिए।
समस्याओं का मिलकर सामना: मुसीबत आने पर एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय, एक-दूसरे का सहारा बनें।
सम्मान: चाहे कितनी भी बड़ी समस्या हो, एक-दूसरे का सम्मान करना नहीं छोड़ना चाहिए। एक-दूसरे को नीचा दिखाने से रिश्ता टूट जाता है।
4. किन बातों का ध्यान रखें?
आलसी पुरुष से बचें: शादी के बाद आलसी पुरुष परिवार पर बोझ बन जाते हैं, जो पत्नी के लिए मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बनते हैं।
झूठ बोलने वाला साथी: चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति झूठ बोलता है, वह परिवार को तोड़ देता है।
निष्कर्ष:
चाणक्य नीति कहती है कि शादी जीवन का एक सुखद सफर हो सकता है अगर आप सही चयन और आपसी विश्वास व प्रेम को प्राथमिकता दें। डर की बजाय साथी की खूबियों को परखें और एक-दूसरे के साथ मिलकर चलने का प्रण लें।



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Wed, Feb 04 , 2026, 09:50 AM