रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कल कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस अवसर पर सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल से संवाद करते हुए कहा कि झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संपदाओं का धनी राज्य है। झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा इस राज्य को अलग और अनोखी पहचान प्रदान करती हैं। यहां की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इस राज्य की धरोहर हैं। हमारा राज्य विश्व प्रसिद्ध परंपराओं को लेकर जाना जाता है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में अपने प्रतिभाओं का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने यहां एक बेहतर खेल नीति बनाई है जिसके तहत खेल एवं खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म दिया जा रहा है। झारखंड के खिलाड़ियों ने क्रिकेट, हॉकी, आर्चरी सहित कई विभिन्न खेलों में एक अमिट पहचान बनाई है। भारतीय महिला हॉकी टीम में कप्तान सहित झारखंड की 50 प्रतिशत खिलाड़ी ने अपनी जगह बना रखी है। क्रिकेट जगत के प्रसिद्ध खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी, आर्चरी की प्रसिद्ध खिलाड़ी दीपिका कुमारी भी इसी राज्य से हैं।
खेल के क्षेत्र में झारखंड मजबूत प्रदेश है। जनजातीय समुदाय के कई युवा महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने सीमित संसाधन के बावजूद बेहतर कर दिखाया है जो इस राज्य के लिए गर्व का विषय है। सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। राज्य में सरकारी विद्यालयों को सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में अपग्रेड करने का कार्य किया गया है। इन विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार कई निजी शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर यहां के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार ने यूनिवर्सिटी बिल भी कैबिनेट से पास कराया है।
सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में 10 मेडिकल कॉलेज स्वयं चला रही है इसके अलावा कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी चलाए जा रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज भी संचालित हैं। राज्य सरकार ने पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया है। कई नए पॉलिटेक्निक कॉलेज भी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं को गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत बिना कोई गारंटी के 15 लाख रुपए ऋण प्रदान किए जाने का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की यह सोच है कि गरीबी के कारण हमारे बच्चे-बच्चियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न न हो इस निमित्त हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने उद्योग सेक्टर की चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड में उद्योग का एक बेहतर इतिहास रहा है। टाटा, एचईसी के साथ-साथ स्टील एवं फर्टिलाइजर इंडस्ट्री जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां हमारे राज्य में स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर यह राज्य उद्योग के क्षेत्र में काफी बेहतर है। राज्य सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतर नीति भी बनाई है, जिसके तहत निवेशक झारखंड में निवेश करने हेतु इच्छुक भी हैं।
झारखंड ने पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में विश्व आर्थिक मंच में मिले अनुभवों का राज्यवासियों को काफी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में उद्योग की बेहतर संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं पर हमारी सरकार कार्य कर रही है जिसका प्रतिफल आने वाले दिनों में हमें अवश्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से कहा कि आप धनबाद जिला स्थित झरिया का जरुर विजिट करें। झरिया में अंडरग्राउंड फायर है जिसे रोक पाने का कोई बेहतर मेकैनिज्म अभी तक नहीं बनाया जा सका है। इस समस्या की पूरी जानकारी केंद्र सरकार को भी है।
सोरेन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड का अहम योगदान है। रेलवे सेक्टर में भी सबसे अधिक राजस्व झारखंड से मिलता है। खनिज संपदाओं की सबसे अधिक ट्रांसपोर्टिंग भी इसी राज्य से की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश में सबसे ज्यादा तसर, सिल्क, लाह प्रोड्यूस करने वाला राज्य है। राज्य सरकार फेडरेशन बनाकर फॉरेस्ट प्रोड्यूस को प्रमोट करने का कार्य कर रही है। लाह, रेशम, महुआ इत्यादि वनोपज का उचित मूल्य यहां के किसानों को मिले इस हेतु प्रोसेसिंग सेंटर तथा बाजार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
श्री सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार हर सेक्टर में सकारात्मक कार्य कर रही है। झारखंड की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है।
यहां कृषि-खेती कार्य के साथ-साथ पशुपालन एक महत्वपूर्ण पहलू है। राज्य सरकार पशुपालन को प्रमोट कर रही है। जनजातीय समाज में पशुपालन के कई मायने हैं। जो लोग पशुपालन से जुड़ेंगे उनके घर दूध, चिकन, मछली, अंडा की उपलब्धता रहेगी, जिससे उन्हें पौष्टिक भोजन मिल सकेगा साथ ही आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी डेवलपमेंट में भी हमारी सरकार कार्य कर रही है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देकर पर्यावरण को सुरक्षित करने हेतु कार्य योजना बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से नक्सली घटनाओं में भी भारी कमी आई है। राज्य सरकार नक्सली मुक्त झारखंड बनने को लेकर प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सोरेन ने टी इंडस्ट्रीज की चर्चा करते हुए कहा कि देश में चाय उद्योग की जिम्मेदारी ट्राइबल पोपुलेशन संभालते हैं। पिछले कई दशकों से चाय उद्योग में झारखण्ड, उड़ीसा, बंगाल, बिहार इत्यादि राज्यों के जनजातीय समुदायों को शिफ्ट किया गया है। जनजातीय समुदाय के लोग काफी सरल और आत्मसम्मानी होते हैं।
हमारी सरकार इन समुदायों को उनका हक अधिकार देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय आर्थिक और बौद्धिक रूप से कमजोर होने के कारण इस राज्य में पलायन की समस्या है जो राज्य सरकार के लिए एक चुनौती बन रही है। हमारी सरकार वूमेन, चाइल्ड एवं लेबर ट्रैफिकिंग पर किस प्रकार रोक लगाई जाए इसके लिए उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के सदस्यों मुख्यमंत्री से राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना की सराहना की।
सोरेन ने सदस्यों से कहा कि देश में झारखंड पहले ऐसा राज्य है जहां लगभग 53 लाख महिलाओं को मंईया सम्मान योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक माह ₹2500 की राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इस योजना के सफल संचालन से यहां की महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बनी हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा सहित पौष्टिक भोजन दिए जाने की स्कीम्स को भी सराहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्कीम से बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने में सहायता मिल रही है। आने वाले समय में और बेहतर कर सके इस निमित्त कार्य योजना बनाई जा रही है।
सोरेन ने सर्वजन पेंशन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में सभी पात्र लोगों को सर्वजन पेंशन योजना प्रदान करने का कार्य किया है। इस योजना के तहत लोगों को वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, निराश्रित पेंशन से आच्छादित किया गया है। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, सचिव ग्रामीण विकास विभाग के० श्रीनिवासन, सचिव महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग मनोज कुमार, सचिव उद्योग विभाग अरवा राजकमल, सचिव पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेल विभाग मनोज कुमार, राष्ट्रीय रक्षा महाविद्ययालय (एनडीसी) के मेजर जेनरल हरतेज सिंह बजाज, ब्रिगेडियर एनडीसी सुरवीर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी तथा 5 देशों के सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



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Wed, Feb 04 , 2026, 09:18 AM