कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) लागू करने की कोशिश कर रही है लेकिन राज्य में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। बनर्जी ने एसआईआर से जुड़ी परेशानी के कारण हुई मौतों पर दुख जताते हुए कहा, "यह एसआईआर के नाम पर एनआरसी लागू करने की साज़िश है।" उन्होंने कहा, "यह बंगाल है। हम किसी को भी नजरबंदी शिविर में नहीं जाने देंगे। कोई एनआरसी नहीं होगा। हम आपके अधिकारों की रक्षा के लिए यहां हैं।" लोगों को डराए जाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये धमकियां काम नहीं आएंगी। उन्होंने कहा, "डरो मत। मुझ पर भरोसा रखो, वे कुछ नहीं कर सकते। वे लोगों को धमका रहे हैं। यह उनका घमंड है, लेकिन एक बात याद रखना, हमारा राज तानाशाही नहीं है।" उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग तय करेगा कि कौन वोटर है, जबकि लोग तय करेंगे कि कौन राज करेगा।
सिंगूर में टाटा नैनो ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा, "चुनाव आयोग यह तय नहीं करेगा कि देश पर कौन राज करेगा। देश की जनता तय करेगी।" प्रक्रिया में गलतियों का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जीवित लोगों को मृत दिखाया जा रहा है और जॉय गोस्वामी और अमर्त्य सेन जैसी जानी-मानी हस्तियों को भी बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "वे किसी को नहीं छोड़ रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर 26 कविताएं लिखी हैं और लोगों की तकलीफ देखकर उन्हें दुख हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि शादी के बाद उपनाम या पता बदलने वाली महिलाओं को बुलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। सुश्री बनर्जी ने कहा कि वह दिल्ली जाएंगी और अगर ज़रूरत पड़ी तो न्यायालय में इस मुद्दे पर लड़ेंगी। उन्होंने कहा, "लोगों के अधिकार छीनने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।"
उन्होंने कहा कि बंगाल ने पुनर्जागरण और आज़ादी के आंदोलन का नेतृत्व किया, वह अपना सिर नहीं झुकाएगा। मुख्यमंत्री ने बांग्लार बारी आवास योजना के दूसरे चरण की भी शुरुआत की और मोदी सरकार द्वारा लंबे समय से की जा रही वित्तीय कमी के बावजूद समाज के सबसे गरीब तबके के साथ खड़े रहने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। दूसरे चरण के तहत राज्य भर में लगभग 20 लाख परिवारों को पक्के घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस चरण के लिए कुल खर्च 24,000 करोड़ रुपये तय किया गया है। दूसरे चरण की शुरुआत के साथ दोनों चरणों में बांग्लार बारी (ग्रामीण) योजना के तहत कुल 32 लाख ग्रामीण परिवारों को फायदा होगा, जिसमें कुल 38,400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
राज्य सरकार के विकास कार्यों पर ज़ोर देते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि 33,551 करोड़ रुपये से ज़्यादा की परियोजनाओं का या तो उद्घाटन किया गया है या उनकी आधारशिला रखी गई है। उन्होंने आवास योजना के तहत 20 लाख लाभार्थी परिवारों के लिए 24,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के वित्तीय लाभ की भी घोषणा की।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Jan 28 , 2026, 10:14 PM