बीजिंग/वाशिंगटन। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (US President Donald Trump) से फोन पर बातचीत की और कहा कि ताइवान की "चीन में वापसी" ("Return to China") द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का एक स्तंभ है। यह जानकारी स्ट्रेट टाइम्स ने दी।
राष्ट्रपति शी ने शिन्हुआ से कहा, "चीन और अमेरिका ने एक बार फासीवाद एवं सैन्यवाद (Fascism and militarism) के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी और अब उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के परिणामों की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए।" उन्होंने अपनी टिप्पणी में बीजिंग (Beijing) के इस विचार को रेखांकित किया कि ताइवान की स्थिति पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बातचीत की पुष्टि की लेकिन कोई और जानकारी नहीं दी। वाशिंगटन इस बात पर रणनीतिक अस्पष्टता की नीति अपनाता है कि वह ताइवान की रक्षा करेगा या नहीं, जबकि ताइवान की सरकार बीजिंग के संप्रभुता के दावे को खारिज करती है और ज़ोर देकर कहती है कि उसका भविष्य केवल उसके 2.3 करोड़ लोगों द्वारा ही तय किया जाना चाहिए।
यह आह्वान एक तनावपूर्ण क्षेत्रीय पृष्ठभूमि में किया गया है, क्योंकि चीन जापान के साथ वर्षों के सबसे तीव्र कूटनीतिक विवाद में उलझा हुआ है। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नवंबर में कहा था कि ताइवान पर चीन क हमले से टोक्यो की ओर से सैन्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति ट्रम्प की आखिरी मुलाकात 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया में हुई थी, जो श्री ट्रम्प के टैरिफ उपायों के कारण कई महीनों तक चले व्यापार तनाव के बाद हुई थी।
तब से, बीजिंग ने अमेरिकी सोयाबीन की ख़रीद फिर से शुरू कर दी है और दुर्लभ मृदा निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को स्थगित कर दिया है जबकि वाशिंगटन ने चीनी वस्तुओं पर शुल्क में 10% की कटौती की है। शी ने ट्रंप को बताया कि हाल के हफ़्तों में द्विपक्षीय संबंध "स्थिर और बेहतर" हुए हैं। दोनों नेताओं की स्पष्ट रुचि पिछले महीने के नाजुक व्यापार युद्ध विराम के बाद संबंधों में एक और गिरावट को रोकने में है।
राष्ट्रपति शी ने कहा, "तथ्य यह दर्शाते हैं कि सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होता है जबकि टकराव से दोनों को नुकसान होता है।" उन्होंने श्री ट्रम्प से निरंतर गति एवं गहन सहयोग का आग्रह किया।
दोनों नेताओं ने यूक्रेन में युद्ध पर भी चर्चा की, जिसमें चीनी राष्ट्रपति ने "शांति के लिए अनुकूल" प्रयासों के लिए चीन के समर्थन को दोहराया और सभी पक्षों से अपने मतभेदों को कम करने का आह्वान किया।
श्री ट्रम्प ने आज कहा कि उन्होंने अप्रैल में बीजिंग यात्रा के लिए राष्ट्रपति शी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है,और बदले में चीनी नेता को 2026 में वाशिंगटन की राजकीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है।



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