पाकिस्तान। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सिफर मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के पूर्व अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) और उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरेशी (Mehmood Qureshi) की गिरफ्तारी के बाद की जमानत याचिका को मंजूरी दे दी।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) द्वारा उनके जेल मुकदमे को शून्य घोषित करने के बाद आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 2023 (Official Secrets Act 2023) के तहत स्थापित विशेष अदालत द्वारा इस महीने की शुरुआत में पीटीआई संस्थापक (PTI founder) को फिर से सिफर मामले में दोषी ठहराया गया था।
सुनवाई के दौरान इमरान खान ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान इमरान खान ने दावा किया कि सिफर मामले के पीछे "शक्तिशाली लोगों" को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''जब मैं प्रधानमंत्री था, तब मैंने इस मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया था।'' उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं को ''बकरियों की तरह'' जेलों के अंदर बंद किया जा रहा है, जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज नवाज (PML-N) सुप्रीमो नवाज शरीफ वापस पाकिस्तान लाया गया।
सिफर केस क्या है?
इमरान खान ने सरकारी रहस्यों को लीक करने के आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है, जो पिछले साल वाशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत द्वारा इस्लामाबाद को भेजे गए एक वर्गीकृत केबल से संबंधित हैं। इन्हें सार्वजनिक करने का आरोप पूर्व प्रधानमंत्री पर लगा।
क्या जेल से रिहा होंगे इमरान खान?
यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि क्या इमरान खान को जेल से रिहा किया जाएगा क्योंकि उनके खिलाफ कई अन्य मामलों में कई गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। इमरान खान एक अलग मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद अगस्त से जेल में हैं।



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Fri, Dec 22 , 2023, 02:37 AM