Trump's Claim: US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने कहा है कि वह "ईरान के तेल पर कब्ज़ा करना" ज़्यादा पसंद करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका, ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र (oil export hub)- खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्ज़ा कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष लगातार तेज़ होता जा रहा है। ट्रंप की ये टिप्पणियाँ तब आई हैं जब पश्चिम एशिया में हज़ारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक तैनात किए जा रहे हैं और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका के चलते वैश्विक तेल की कीमतें (global oil prices) तेज़ी से बढ़ रही हैं।
रविवार को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण करना उनकी "सबसे पसंदीदा चीज़" होगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में कुछ आलोचक इस विचार का विरोध करते हैं, लेकिन ट्रंप ने उन्हें "बेवकूफ़ लोग" कहकर खारिज कर दिया। ट्रंप ने संकेत दिया कि खर्ग द्वीप पर कब्ज़ा करना उन कई सैन्य विकल्पों में से एक हो सकता है जिन पर वॉशिंगटन विचार कर रहा है।
खर्ग द्वीप से ही ईरान के अधिकांश तेल का निर्यात होता है, जिससे यह पश्चिम एशिया के सबसे रणनीतिक ऊर्जा केंद्रों में से एक बन जाता है। ट्रंप ने कहा कि पेंटागन के पास कई योजनाएँ तैयार हैं। उन्होंने कहा, "हो सकता है हम खर्ग द्वीप पर कब्ज़ा कर लें, हो सकता है न करें। हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।" साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे किसी भी ऑपरेशन के लिए द्वीप पर अमेरिका की लंबे समय तक मौजूदगी की ज़रूरत पड़ सकती है।
खर्ग द्वीप पर कब्ज़े के विकल्प पर विचार के बीच अमेरिकी सैनिकों की तैनाती
रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन ने ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उसे अपने नियंत्रण में रखने (होल्डिंग ऑपरेशंस) के लिए प्रशिक्षित लगभग 10,000 सैनिकों की तैनाती का आदेश पहले ही दे दिया है। शुक्रवार को लगभग 3,500 सैनिक - जिनमें लगभग 2,200 मरीन शामिल हैं - इस क्षेत्र में पहुँच गए, जबकि 2,200 अन्य मरीन रास्ते में हैं। वॉशिंगटन द्वारा संभावित बड़े सैन्य अभियान की तैयारी के बीच, 82वीं एयरबोर्न डिवीज़न के हज़ारों सैनिकों को भी तैनात करने का आदेश दिया गया है। हालाँकि, सैन्य विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि खर्ग द्वीप पर कब्ज़ा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है; इससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है और युद्ध और भी ज़्यादा भड़क सकता है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में भारी उछाल
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर अभी से दिखने लगा है। सोमवार को एशियाई बाज़ारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई। यह पिछले एक महीने में 50% से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है, जो इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव को दर्शाता है।



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