Neelam Gorhe in the Ashok Kharat Case : शिवसेना शिंदे गुट की MLA और डिप्टी चेयरमैन नीलम गोरहे (Neelam Gorhe) पिछले पांच-छह साल से अशोक खरात (Ashok Kharat) से संपर्क कर रही थीं। वह लेजिस्लेटिव काउंसिल में MLAship (MLA seat in the Legislative Council) चाहती थीं। दूसरे समय में नीलम गोरहे कई तरह की बातें करती हैं। वह अब अशोक खरात के बारे में बात क्यों नहीं कर रही हैं? इसका कारण यह है कि नीलम गोरहे के अशोक खरात से अच्छे रिश्ते थे, सोशल एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई ने सनसनीखेज आरोप लगाया। तृप्ति देसाई ने आज पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और नीलम गोरहे पर चौंकाने वाले आरोप लगाए।
अशोक खरात आपसे पाथर्डी के पैसा होटल में भी मिलने आए थे। वह आपसे वहां क्यों मिलने आए थे। क्या आपके और उनके बीच कोई फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन हुआ है? तृप्ति देसाई (Trupti Desai) ने कहा कि ये सब बातें और क्यों सामने आनी चाहिए। नीलम गोरहे और अशोक खरात नासिक के एक्सप्रेस-इन होटल में भी मिले थे। तृप्ति देसाई ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि MLA और मंत्री पद के लिए वे कई बार मिल चुके हैं। नीलम गोरहे पिछले सात-आठ साल से अशोक खरात को जानती थी। क्या नीलम गोरहे और अशोक खरात के बीच कोई पैसे का लेन-देन है? तृप्ति देसाई ने कहा कि SIT को इसकी जांच करनी चाहिए।
जो लोग नीलम गोरहे के साथ अशोक खरात से मिलने वाले थे, वे मुझसे आकर मिले हैं। उन्होंने मुझे इस बारे में सारी जानकारी दी है। और अगर समय मिला तो मैं उन्हें भी सामने लाऊंगी, तृप्ति देसाई ने यह भी दावा किया। नीलम गोरहे को इस बारे में सब कुछ बताना चाहिए। तृप्ति देसाई ने मांग की कि नीलम गोरहे के खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए जैसी रूपाली चाकणकर के खिलाफ की गई थी। खुद को कैप्टन बताने वाले भोंदूबाबा अशोक खरात की पुलिस कस्टडी बढ़ाने का फैसला किया गया। अब खरात 1 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे।
महिलाओं पर अत्याचार और फाइनेंशियल फ्रॉड के इस गंभीर मामले में पुलिस की जांच में अभी कई बातें साफ होनी बाकी हैं। चूंकि जांच का दायरा बड़ा है और नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, इसलिए इस बढ़ी हुई कस्टडी में अशोक खरात के क्रिमिनल एम्पायर के और कौन से तार सामने आएंगे? यह देखना ज़रूरी होगा। अशोक खरात के घिनौने कामों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अब अपना फोकस खरात से जुड़े ऑर्गनाइजेशन पर कर दिया है। खरात की 'शिवानिका' ऑर्गनाइजेशन के सभी ट्रांजैक्शन अब SIT की रडार पर आ गए हैं। सूत्रों ने बताया है कि रूपाली चाकणकर को भी अपनी जांच के लिए बुलाया गया है। इसलिए, संभावना है कि अब रूपाली चाकणकर की भी जांच होगी। रूपाली चाकणकर समेत शिवनिका संस्थान के पुराने ट्रस्टियों को समन जारी किए गए हैं और आज जांच होने की उम्मीद है।



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