Merchandise export-import growth rates: वाणिज्यिक निर्यात-आयात की वृद्धि दर की तुलना अब 2022-23 के आधार पर होगी!

Sat, Feb 21 , 2026, 08:59 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

नयी दिल्ली: महंगाई और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की माप के लिए आधार वर्ष बदलने के बाद अब केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात-आयात की वृद्धि दर की नियमित माप का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 कर दिया है। अर्थव्यवस्था की परिस्थितियों में समय के साथ बदलावों को देखते हुए सरकार आंकड़ों की व्यावहारिक तुलना के लिए आधार वर्ष में संशोधन करती रहती है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआई एंड एस) ने भारत के माल व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष वित्त वर्ष को संशोधित कर 2022–23 कर दिया है।

महानिदेशालय अब तक वित्त वर्ष 2012-13 के आंकड़ों को आधार (100) मान कर व्यापार की नियमित प्राप्त होने वाली अद्यतन सूचनाओं की तुलना कर वृद्धि या संकुचन की रिपोर्ट तैयार कर रहा था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की इस एजेंसी द्वारा संकलित और प्रकाशित माल व्यापार सूचकांक के आधार वर्ष को वित्त वर्ष 2012–13 से संशोधित कर वित्त वर्ष 2022–23 कर दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा है, "यह संशोधन देश के व्यापार ढांचे में हुए संरचनात्मक परिवर्तनों, वस्तु संरचना में बदलाव, बदलते वैश्विक व्यापार पैटर्न तथा समकालीन व्यापक आर्थिक संकेतकों के साथ बेहतर सामंजस्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। माल व्यापार सूचकांक देश के निर्यात और आयात के इकाई मूल्यों (कीमतों) में समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को मापते हैं। ये सूचकांक बाह्य क्षेत्र में मूल्य प्रवृत्तियों के महत्वपूर्ण संकेतक हैं और राष्ट्रीय आय लेखांकन, व्यापार की शर्तों के आकलन तथा अन्य आर्थिक विश्लेषणों में व्यापक रूप से उपयोग किये जाते हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि इस संशोधन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि व्यापार सूचकांक देश के वर्तमान वाणिज्यिक वस्तु व्यापार के स्वरूप का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व करें। इस संशोधन के लिए डीजीसीआई एंड एस ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता के प्रोफेसर नचिकेता चक्रवर्ती की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने वर्तमान पद्धति, डेटा कवरेज, भार संरचना और संकलन प्रक्रियाओं की समीक्षा कर अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप सुधारों की अनुशंसा की थी। मुद्रास्फीति और जीडीपी के सूचकांकों के लिए अब आधार वर्ष 2024 कर दिया गया है। पहले इनके लिए 2012 की कीमतों और उत्पादन को आधार (100 अंक) मान कर तुलना की जाती थी।

Latest Updates

Latest Movie News

Get In Touch

Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.

Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265

info@hamaramahanagar.net

Follow Us

© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups