Lord Ganesha Anecdote: गणेश भगवान को दुब घास क्यों चढ़ाया जाता है? पौराणिक कथा जुड़ी है एक राक्षस के वध से!

Wed, Feb 11 , 2026, 09:30 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

Lord Ganesha Anecdote: भगवान गणेश को दूर्वा (दूब घास) चढ़ाने के पीछे एक बहुत ही रोचक और पौराणिक कथा है, जो अनलासुर नाम के राक्षस से जुड़ी है: 

अनलासुर का अंत: प्राचीन काल में अनलासुर नाम का एक भयानक राक्षस था, जो अपनी आँखों से अग्नि उगलकर ऋषि-मुनियों और मनुष्यों को जिंदा निगल जाता था। उसके आतंक को रोकने के लिए गणेश जी ने उसे निगल लिया।

पेट में जलन: राक्षस को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में अत्यधिक जलन होने लगी। देवताओं और ऋषियों ने अनेक उपाय किए, लेकिन उनकी जलन शांत नहीं हुई।

कश्यप ऋषि का उपाय: अंत में, कश्यप ऋषि (या सप्तऋषियों) ने दूर्वा की 21 गांठें बनाकर गणेश जी को खाने के लिए दीं। इन्हें ग्रहण करते ही गणेश जी के पेट की जलन तुरंत शांत हो गई।

वरदान: तब गणेश जी ने कहा कि जो भक्त मुझे श्रद्धा से दूर्वा अर्पित करेगा, उसे सभी सुखों की प्राप्ति होगी और उसकी बाधाएं दूर होंगी। 

महत्वपूर्ण बातें:
21 की संख्या
: पूजा में हमेशा 21 दूर्वा चढ़ाने का विधान है।

आयुर्वेदिक लाभ: आयुर्वेद के अनुसार दूर्वा शीतल होती है, जो पित्त और शरीर की गर्मी को कम करने में सहायक है।

समर्पण: यह घास कहीं भी आसानी से उग जाती है, जो यह सिखाती है कि भगवान सादगी और प्रेम से दी गई वस्तुओं से भी प्रसन्न हो जाते हैं।

Latest Updates

Latest Movie News

Get In Touch

Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.

Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265

info@hamaramahanagar.net

Follow Us

© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups