गाजा। गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई पर संभावित समझौते (wording of a potential agreement) के शब्द अस्पष्ट होने के चलते इस बात में संदेह है कि यह इजरायल और फिलिस्तीनी आंदोलन हमास (Israel and the Palestinian movement Hamas) के बीच स्थायी युद्धविराम (permanent ceasefire) का नेतृत्व करने में सक्षम होगा। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ में जानकार राजनयिकों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
अखबार ने कहा कि अगर कोई समझौता हो भी जाता है, तो इसके शब्दों में अस्पष्टता के कारण व्यापक संदेह है कि इससे गाजा में युद्ध समाप्त हो जाएगा। प्रकाशन के अनुसार मसौदे में परिकल्पना की गई है कि हमास द्वारा अधिकांश बंधकों को रिहा करने के बाद, इजरायल और हमास युद्धविराम के पहले छह हफ्तों के भीतर स्थायी युद्धविराम पर बातचीत में प्रवेश करेंगे। हालाँकि सूत्रों ने कहा कि अगर इज़राइल निर्धारित करता है कि वार्ता विफल हो गई है तो वह गाजा पट्टी में अपने सैन्य अभियान फिर से शुरू कर सकता है।
इससे पहले इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि नेतन्याहू गाजा समझौते को आगे बढ़ाने के लिए काम करना जारी रख रहे है। जिससे बंधकों की रिहाई की संख्या अधिकतम हो जाएगी और वह इस बात पर भी जोर दे रहे थे कि आईडीएफ गाजा पट्टी और मिस्र के बीच सीमा पर गलियारे में रहे।



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Mon, Aug 19 , 2024, 09:01 AM