Mundkatiya Ganesh Temple: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास, सोनप्रयाग से लगभग 3 किमी दूर स्थित एक अद्वितीय और प्राचीन मंदिर है। यह दुनिया का एकमात्र मंदिर माना जाता है जहां भगवान गणेश की बिना सिर वाली प्रतिमा पूजी जाती है, क्योंकि मान्यता है कि शिव ने यहीं उनका सिर काटा था।
मुंडकटिया मंदिर के मुख्य तथ्य:
पौराणिक कथा: शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती के द्वारपाल के रूप में गणेश ने भगवान शिव को पार्वती के निजी कक्ष में जाने से रोक दिया था, जिसके बाद क्रोधित होकर शिव ने गणेश जी का सिर काट दिया था।
नाम का अर्थ: मुंडकटिया दो शब्दों से बना है - 'मुंड' (सिर) और 'कटिया' (कटा हुआ), जो गणेश जी के धड़ रूप को दर्शाता है।
स्थान: यह मंदिर केदार घाटी में स्थित है, जो त्रियुगी नारायण मंदिर के काफी करीब है।
महत्व: स्थानीय निवासियों और भक्तों की ऐसी गहरी मान्यता है कि यह वही स्थान है, जहाँ शिव जी ने गजानन को नया हाथी का सिर लगाया था।
यात्रा: सोनप्रयाग से पैदल या स्थानीय टैक्सी के जरिए इस मंदिर तक पहुँचा जा सकता है।
जुड़ी मान्यताएं: मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है, जिसके नीचे मंदाकिनी नदी बहती है और यह बहुत ही खूबसूरत व शांत जगह है।



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Wed, Mar 18 , 2026, 09:32 AM