Remedies to Combat Fatigue: अक्सर, हम बिना किसी वजह के थका हुआ महसूस करते हैं। लेकिन थकान के पीछे सेहत से जुड़ा कोई गहरा कारण हो सकता है। आयुर्वेद में इसके समाधान बहुत ही आसान और समग्र हैं। थकान के कारणों, हमारी सेहत पर इसके असर, थकान दूर करने के आसान आयुर्वेदिक उपायों और इस समस्या से निपटने के लिए पतंजलि उत्पादों के बारे में विस्तार से जानें।
हमें थकान क्यों महसूस होती है?
सेहत से जुड़े कारणों की बात करें तो, अगर आप एनीमिया (खून की कमी), थायरॉइड की समस्या, रूमेटॉइड अर्थराइटिस, कैंसर, किडनी की समस्या, डायबिटीज़, दिल की बीमारी, स्लीप एपनिया और अनिद्रा जैसे नींद से जुड़े विकारों या किसी तरह के इन्फेक्शन से जूझ रहे हैं, तो आपको थकान महसूस हो सकती है।
जीवनशैली से जुड़े कारणों में देर रात तक जागना या सोने-जागने का अनियमित समय, डिजिटल उपकरणों पर बहुत ज़्यादा समय बिताना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, खराब खान-पान, शरीर में पानी की कमी, बहुत ज़्यादा तनाव और नशे की चीज़ों पर अत्यधिक निर्भरता शामिल हैं। आस-पास का माहौल अस्त-व्यस्त होना भी इसका एक कारण हो सकता है।
आयुर्वेद में थकान को 'क्लम' (Klama) कहा गया है। यह शरीर के अंदरूनी असंतुलन के कारण होती है। दोषों के असंतुलन के कारण होने वाली पुरानी थकान से घबराहट (Anxiety) और पूरी तरह से थका हुआ (Burnout) महसूस होता है। 'ओजस' (Ojas) की कमी से रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और व्यक्ति आसानी से बीमार पड़ सकता है। पाचन तंत्र कमजोर होने पर मानसिक थकान और शरीर में भारीपन महसूस होता है। आयुर्वेदिक उपायों की मदद से थकान या सुस्ती को दूर करना संभव है। आप इसके लिए पतंजलि के उत्पादों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
थकान दूर करने के 3 आसान आयुर्वेदिक उपाय:
जड़ी-बूटियाँ: तनाव के कारण होने वाली थकान को दूर करने और शरीर की ताकत (Stamina) बढ़ाने के लिए अश्वगंधा का सेवन करें। तुलसी मानसिक थकान और तनाव को कम करने में मदद करती है। त्रिफला शरीर के दोषों—विशेष रूप से 'वात दोष' (Vata dosha)—को संतुलित करता है, जो अक्सर थकान का मुख्य कारण होता है। शिलाजीत को शरीर में ऊर्जा का संचार करने वाला एक बेहतरीन टॉनिक माना जाता है।
खान-पान: हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें, जैसे कि स्टू, खिचड़ी और सूप। अदरक और सौंफ से बनी हर्बल चाय शरीर की सुस्ती और आलस को दूर करने में मदद करती है। अपने भोजन में घी, पालक जैसी ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ, अनाज और दालें, केले और सेब जैसे फल, बादाम और काजू जैसे मेवे, तथा काली मिर्च, अदरक, जीरा और हल्दी जैसे मसालों को शामिल करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें (पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ)।
जीवनशैली: सोने-जागने और भोजन करने का एक निश्चित समय तय करें। हल्के योगासन और सुबह की सैर जैसे आसान व्यायाम शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं। नारियल या तिल के तेल से शरीर की हल्की मालिश करने से तंत्रिका तंत्र (Nervous system) शांत होता है और शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। कैफीन (चाय/कॉफी) का सेवन कम से कम करें। प्रोसेस्ड चीनी से दूर रहें, क्योंकि अगर आप कुछ समय तक इसका सेवन नहीं करते हैं, तो आपको शुगर लेवल कम होने (sugar lows) की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
थकान से बचने के लिए असरदार प्रोडक्ट देने के मामले में पतंजलि पर भरोसा करें। पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल (11 ग्राम) एक प्राकृतिक औषधि है, जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने, तनाव को कम करने और शरीर में नई जान डालने का काम करती है। यह सोचने-समझने की क्षमता (cognitive functioning), रोग प्रतिरोधक क्षमता और अच्छी नींद में भी सुधार करती है।
पतंजलि गिलोय घनवटी 60 N (40 ग्राम) का सेवन करें। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और किसी भी बीमारी के बाद होने वाली थकान से उबरने में मदद करती है। पतंजलि शिला तुलसी ड्रॉप (30 मिली) अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने, श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने, सर्दी-खांसी से लड़ने और सहनशक्ति व स्टैमिना को बढ़ाने का काम करती है।
अब, थकान या सुस्ती को अपनी स्वस्थ जीवनशैली के आड़े न आने दें। अपनी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दर्शन को समझें। इसके लिए पतंजलि के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Mar 18 , 2026, 10:15 AM