बंगाल में अंतिम मतदाता सूची सामने आने से पहले हो सकती है चुनाव तारीखों की घोषणा

Wed, Feb 25 , 2026, 12:39 PM

Source : Uni India

कोलकाता: चुनाव आयोग (The Election Commission) ने संकेत दिया है कि यदि उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों का पालन किया जाए तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (West Bengal Assembly elections) की तारीखों की घोषणा अंतिम और पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले भी की जा सकती है। आयोग के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक प्रकाशित सभी मतदाता सूचियों को चुनाव संचालन के लिए मान्य माना जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि भले ही अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का प्रकाशन चरणबद्ध तरीके से जारी रहे, चुनाव इन्हीं सूचियों के आधार पर कराए जा सकते हैं।

राज्य में अब तक मसौदा मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं। अंतिम सूची शुक्रवार को प्रकाशित होनी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए नामों की तत्काल समेकित गणना संभव नहीं होगी। शीर्ष न्यायालय के आदेश के अनुसार आयोग को 28 फरवरी के बाद भी चरणों में मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति होगी और इन सभी सूचियों को अंतिम माना जाएगा। सभी सूचियों को मिलाकर ही कुल विलोपनों का आकलन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हमें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। मतदाता सूची चरणों में प्रकाशित होगी और उसे अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा। दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं।''मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी के कारण नए मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की योजना प्रभावित हुई है और इस चुनाव में नए बूथ स्थापित किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है।

इससे पहले आयोग ने घोषणा की थी कि जहां मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक होगी, वहां नए बूथ बनाए जाएंगे। ऊंची इमारतों और अपार्टमेंट परिसरों के भीतर भी मतदान केंद्र स्थापित करने पर विचार किया गया था। आयोग ने पांच जिलों में कई अपार्टमेंट परिसरों की पहचान भी की थी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा गतिशील मतदाता सूची की स्थिति में बूथ पुनर्गठन संभव नहीं है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू होने से पहले मतदाता संख्या के आधार पर लगभग 14,000 अतिरिक्त बूथों की आवश्यकता जतायी गयी थी। मसौदा सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जाने के बाद आयोग ने संकेत दिया था कि बूथ पुनर्गठन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। एसआईआर प्रक्रिया अभी पूरी न होने के कारण फिलहाल पुराने बूथ विन्यास को ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारी ने कहा, ''हम बहुमंजिला आवास परिसरों में 60-70 अतिरिक्त बूथ स्थापित करने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं। सब कुछ राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।'' वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 80,681 ही रहेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने मंगलवार को कहा कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी होगी। पीठ ने यह भी अनुमति दी कि यदि ''तार्किक विसंगतियां'' या ''अनमैप्ड श्रेणी'' के मामलों का सत्यापन उस तिथि तक पूरा नहीं होता है, तो आयोग चरणों में सूची प्रकाशित करता रह सकता है।

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