इचलकरंजी: शहर में घरों से बैन नशे के इंजेक्शन की खुलेआम बिक्री का पुलिस द्वारा पर्दाफाश करने के बाद भी नशे का धंधा बंद नहीं हुआ है। अब यह गैर-कानूनी धंधा सोशल मीडिया पर आ गया है, और इंस्टाग्राम पर खरीद-बिक्री का रैकेट चलने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
घर-घर तक पहुंचने वाला नशा अब मोबाइल स्क्रीन पर आ गया है। इस वजह से इचलकरंजी शहर 'आसान लत' बनने की कगार पर पहुंच गया है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने नशे के इंजेक्शन के खिलाफ जो कार्रवाई की है, वह न सिर्फ ऊपरी रही है, बल्कि उस शहर में गहरी जड़ें जमा चुकी ड्रग्स की चेन की एक डरावनी तस्वीर सामने आई है।
घरों से बिक्री, खास इलाकों में स्टोरेज, युवाओं को सीधी सप्लाई और अब सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, इन सबने नशे के धंधे को आसान, तेज और ज्यादा गायब कर दिया है। पहली बड़ी कार्रवाई के बाद, घरों से बैन ड्रग इंजेक्शन की बिक्री इस बात की चेतावनी थी कि यह धंधा खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। इससे यह साफ हो गया कि लोकल लेवल पर पहचान, फाइनेंशियल चेन और स्टोरेज का एक सिस्टम मौजूद था।
घरों से ड्रग इंजेक्शन का नेटवर्क इंस्टाग्राम तक पहुंच गया है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई तारीफ के काबिल है, लेकिन कई सवाल उठ रहे हैं: सप्लाई कहां से आती है, डॉक्टर-केमिस्ट-डिस्ट्रीब्यूटर की मेडिकल चेन में कमजोर कड़ी कौन है, सोशल मीडिया नेटवर्क पर सिर्फ बेचने वालों पर ही नहीं बल्कि मास्टरमाइंड पर भी कब कार्रवाई होगी।
ड्रग इंजेक्शन के खिलाफ लड़ाई सिर्फ रेड और गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल ट्रैकिंग, साइबर स्क्वॉड, मेडिकल स्टॉक का ऑडिट और रोक समेत सभी लेवल पर एक साथ लड़ी जा रही है। शहर का ड्रग की लत की गिरफ्त से निकलना मुश्किल है। इंस्टाग्राम पर 'डील', चैट पर लेन-देन
ड्रग बिक्री का नया पैटर्न ज्यादा खतरनाक है। इंस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल, पासवर्ड, खास इमोजी, स्टोरी और 'डायरेक्ट मैसेज' के जरिए संपर्क किया जाता है। पहचान के बाद, इंजेक्शन खास जगहों पर पहुंचाए जा रहे हैं। इससे पुलिस से बचना आसान हो गया है और नाबालिग और कॉलेज के युवा सीधे इस जाल में फंस रहे हैं।
डर यहीं खत्म नहीं होगा
जब ड्रग्स आसानी से मिलने लगते हैं, तो इसका असर सिर्फ लत तक ही सीमित नहीं रहता। ड्रग्स चोरी, मारपीट, क्रिमिनल गैंग, पैसे की हेराफेरी से लेकर हर चीज़ को बढ़ावा देते हैं। इस वजह से शहर में लोगों में यह भावना घर करने लगी है कि "डर यहीं खत्म नहीं होगा"। नतीजतन, माता-पिता और टीचर परेशान हैं।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Tue, Jan 27 , 2026, 09:12 AM