Why are bats used in horror: हॉरर फिल्मों में चमगादड़ इसलिए आम होते हैं क्योंकि वे अंधेरे, बीमारी और अनजान चीज़ों से जुड़े पुराने डर को जगाते हैं, जिसे सदियों पुरानी लोककथाओं, साहित्य और सिनेमा ने और मज़बूत किया है। उन्हें शामिल करने से अक्सर उनके अनियमित, शांत और रात में घूमने वाले स्वभाव के कारण सस्पेंस बढ़ जाता है।
यहाँ बताया गया है कि हॉरर में चमगादड़ का इस्तेमाल क्यों किया जाता है:
पिशाच की कहानियों से संबंध: सबसे महत्वपूर्ण, आधुनिक जुड़ाव ब्रैम स्टोकर की ड्रैकुला (1897) से आता है, जहाँ पिशाच का किरदार चमगादड़ में बदल सकता था। इसने उन्हें खून के प्यासे, बुराई के रात में घूमने वाले साथी के रूप में स्थापित किया।
मौत और पाताल लोक का प्रतीक: ऐतिहासिक रूप से, चमगादड़ को राक्षसों, चुड़ैलों और पाताल लोक से जोड़ा गया है। लोककथाओं के अनुसार, अगर कोई चमगादड़ घर में घुसता है, तो यह मौत की भविष्यवाणी करता है।
रात का और अप्रत्याशित व्यवहार: चमगादड़ रात में सक्रिय होते हैं और चुपचाप उड़ते हैं, जिससे वे एक आदर्श, अनदेखा खतरा बन जाते हैं। उनके अनियमित उड़ने के तरीके तनाव और एक अप्राकृतिक, अनियंत्रित खतरे की भावना पैदा करते हैं।
शारीरिक बनावट और डरावनापन: उनके चूहे जैसे शरीर और पतले, झिल्लीदार पंखों को अक्सर घिनौना माना जाता है। इसके अलावा, आराम करने के लिए उल्टा लटकने की उनकी आदत को अप्राकृतिक माना जाता है।
बीमारी का डर: चमगादड़ रेबीज जैसी बीमारियों के वाहक के रूप में जाने जाते हैं, जिससे एक ठोस, "वास्तविक दुनिया" का डर पैदा होता है जिसका फिल्म निर्माता फायदा उठाते हैं।
"बीच की" प्रकृति: क्योंकि वे स्तनधारी हैं जो उड़ सकते हैं, उन्हें कभी-कभी "बीच के" जीव (आधा पक्षी, आधा चूहा) के रूप में देखा जाता है, जिससे बेचैनी होती है।
ये सभी तत्व मिलकर उन्हें फिल्मों में, खासकर गॉथिक हॉरर सबजॉनर में, डर और सस्पेंस का माहौल बनाने के लिए आदर्श बनाते हैं।



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Wed, Jan 21 , 2026, 11:30 AM