Industrial Reforms: पंजाब सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक सुधारों की घोषणा की!

Tue, Mar 31 , 2026, 07:41 PM

Source : Uni India

चंडीगढ़। पंजाब के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक और निवेशकों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दी है। इन सुधारों का उद्देश्य भूमि स्वामित्व प्रक्रिया को सरल बनाना और बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़़ा (Minister Sanjeev Arora) ने मंगलवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉट और शेड को फ्रीहोल्ड में बदलने की नीति में अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, आवंटन के बाद की सेवाओं के व्यापक पुनर्गठन को भी हरी झंडी दी गई है, ताकि निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके। नई नीति के तहत लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन शुल्क न्यूनतम पांच प्रतिशत तय किया गया है। 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किए गए सभी रूपांतरणों पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट दी जाएगी।

सरकार ने लंबे समय से लंबित शिकायतों का समाधान करते हुए 'अनअर्न्ड इंक्रीज' क्लॉज लागू न होने वाले मामलों—जैसे पारिवारिक हस्तांतरण, विरासत या जहां यह शर्त मूल दस्तावेज में नहीं है—में शुल्क माफी प्रदान की है। कई श्रेणियों में वार्षिक शुल्क की जगह एकमुश्त शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। गिरवी संपत्तियों के मामलों में बैंक पत्र को स्वीकार कर दस्तावेजी प्रक्रिया भी सरल बनाई गई है। पंजाब लघु उद्योग और निर्यात निगम (PSIEC) में भी व्यापक डिजिटल और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। 18 अनिवार्य सेवाओं को वैकल्पिक श्रेणी में रखा गया है और नोटरीकृत शपथपत्र की अनिवार्यता को स्वयं-घोषणा से बदला गया है। लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए एस्टेट अधिकारियों को अधिकार सौंपे गए हैं, जिससे उद्योगपतियों पर अनुपालन का बोझ कम होगा।

मंत्रिमंडल ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत औद्योगिक फोकल प्वाइंट्स और क्लस्टरों के संचालन एवं रखरखाव के लिए एकीकृत तंत्र स्थापित किया जाएगा। दोहरे कराधान को समाप्त करते हुए अब सेवा शुल्क में ही नगरपालिका क्षेत्रों का संपत्ति कर शामिल होगा। सेवा शुल्क की वसूली पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( पीएसपीसीएल) के बिजली बिलों के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनेगी। सुधारों के तहत विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) मॉडल लागू किया जाएगा। ये एसपीवी सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत होंगे और सात सदस्यीय कार्यकारी समिति द्वारा संचालित किए जाएंगे,जिन्हें औद्योगिक आवंटियों में से चुना जाएगा। संग्रहित राशि का 90 प्रतिशत रखरखाव के लिए एसपीवी को दिया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत बुनियादी ढांचा उन्नयन के लिए सुरक्षित रहेगा। सरकार अनिवार्य ऑडिट और आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप के माध्यम से निगरानी बनाए रखेगी।
श्री अरोड़ा ने कहा कि ये सुधार राज्य में पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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