नयी दिल्ली: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य के कुछ गावों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगाने के ग्राम सभाओं के निर्णय को सही करार देने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया और कहा है कि यह फैसला आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शर्मा ने सोमवार को यहां यूनीवार्ता के साथ विशेष बातचीत में कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह निर्णय संविधान की भावना, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा पेसा कानून (पंचायत -अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार अधिनियम 1996) के प्रावधानों की पुनः पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम सभाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
शर्मा ने कहा कि ग्राम सभाओं की ओर से लगायी गयी पाबंदी के खिलाफ कुछ धर्म प्रचारक उच्च न्यायालय में गये थे जहां ग्राम सभा के पक्ष में फैसला दिया गया। प्रचारकों की ओर से उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से इस प्रकरण में सशक्त पक्ष रखा और न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि परंपराओं एवं सामाजिक संरचना के संरक्षण हेतु ग्राम सभाएं वैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले के अनेक ग्राम पंचायतों ने गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश निषेध संबंधी बोर्ड लगाए थे। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा था कि परंपराओं के संरक्षण के लिए पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम सभाएं ऐसे निर्णय लेने के अधिकार रखती हैं। नक्सलवाद विरोधी अभियान के संबंध में पूछे जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा , ' इस वर्ष मार्च के अंत तक बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त होगा, इसमें कोई संशय नहीं है। उसके उपरांत वहां की आर्थिक- सामाजिक उन्नति के लिए बहुत से काम किये जाने हैं।'
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ के बच्चे और नौजवान बहुत प्रतिभाशाली है उनको आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है। बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मौका देने के लिए बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन किये जा रहे हैं। क्षेत्र की संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि एक समय छत्तीसगढ़ नक्सल समस्या से सर्वाधिक प्रभावित था। पचहत्तर से 80 प्रतिशत नक्सली गतिविधियां वहीं होती थीं लेकिन आज राज्य में नक्सलवादी गतिविधियांएक छोटे हिस्से में ही सीमित हो गयी हैं। अधिकतर बड़े नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है। जो कुछ बचे हैं उन पर भी सुरक्षा बलों का ध्यान है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 40 गावों में इस बार छब्बीस जनकारी को तिरंगा फहराया गया जहां नक्सलियों के डर से तिरंगा नहीं फहराया जाता था। सरकार का प्रयास है कि राज्य में हर कोने में संविधान पूरी तरह लागू हो। भारत मंडपम में आज शुरू हुई एआई इम्पैक्ट समिट भारत-2026 में भाग लेने आये श्री शर्मा ने कहा कि यह अयोजन 'बहुत अच्छा और सूचनाप्रद है।' इसमें सौ से अधिक देश भाग ले रहे हैं।
दुनिया की 35-40 बड़ी कंपनियों के सीईओ आये हैं जिनकी प्रधानमंत्री के साथ बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि विगत में भारत को प्रतिभा पलायन से नुकसान उठाना पड़ा। उसका लाभ दूसरे देशों को मिला। अब प्रयास है कि भारत एआई का पावर हब बने। उन्होंने इस आयोजन के लिए इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की सराहना की।



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Tue, Feb 17 , 2026, 08:35 AM