Civil Aviation Ministry: रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए ऊंचाई संबंधी पाबंदियों में ढील पर विचार कर रहा नागरिक उड्डयन मंत्रालय!

Sat, Feb 14 , 2026, 09:09 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

नयी दिल्ली: सरकार भविष्य की जरूरतों और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आवास एवं निर्माण क्षेत्र का योगदान बढ़ाने के मद्देनजर रियल एस्टेट परियोजनाओं में ऊंचाई संबंधी सीमा में रियायत की संभावना पर विचार कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने यहां यशोभूमि में नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव-2026 के पहले दिन शुक्रवार को कहा, "ढांचागत सुधारों, बढ़ी हुई पारदर्शिता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे की वजह से साल 2030 तक देश के रियल एस्टेट बाजार के एक लाख करोड़ डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके साल 2047 तक पांच-सात लाख करोड़ डॉलर तक बढ़ने की क्षमता है।"

रियल एस्टेट डेवलेपरों से संगठन नरेडको द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि जगह की कमी के कारण भविष्य में रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र में क्षैतिज विस्तार विस्तार और विकास संभव नहीं होगा। इसलिए, इस सेक्टर में उर्ध्वाधर (ऊपर की तरफ) विस्तार की जरूरत होगी, जिसके लिए सरकार को रियल एस्टेट और निर्माण सेक्टर के मौजूदा नियमों में बदलाव करने होंगे। मंत्री ने बताया कि एक जानी-मानी एजेंसी एक अध्ययन कर रही है, जिसकी सिफारिशें भविष्य में नियामक ढांचे में बदलाव का विकल्प सुझाएंगी ताकि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर देश में एयरपोर्ट से होने वाले विकास का फायदा उठाने वाला बन सके।

नायडू ने बताया कि अगले पांच साल में देश में 50 नये हवाई अड्डे जुड़ेंगे और 20 साल में यह संख्या 200 तक पहुंच जायेगी। इससे न केवल नागरिक उड्डयन क्षेत्र बदलेगा, बल्कि रियल एस्टेट, निर्माण और हाउसिंग सेक्टर में भी इसका बहुत बड़ा असर होगा। उन्होंने नरेडको से "किराये के लिए आवास" परियोजना पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहने की अपील की और कहा कि किराये के लिए आवासीय परियोजनाओं के विकास का दुनिया भर में चलन बढ़ रहा है, खासकर अमेरिका, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में। इससे युवा भारत की बढ़ती मांग पूरी हो सकेगी और उसी के हिसाब से नीति निर्माण किया जा सकेगा।

आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने नीति और ढांचागत मामलों में रियल एस्टेट क्षेत्र को सरकार के सही समर्थन का भरोसा दिलाया, ताकि निर्माण, आवासन और किफायती आवास सेक्टर को सरकारी लक्ष्य के हिसाब से अच्छी सेवा मिल सके और देश "विकसित भारत" लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ सके। उन्होंने कहा कि किफायती आवास क्षेत्र में उद्योग को सक्रिय रहना चाहिये क्योंकि यह चुनौतियों से भरा है और सरकार की कोशिश होगी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वादे के मुताबिक सबसे गरीब लोगों के लिए किफायती आवास इकाइयां बनायी जाएं।

नारेडको के प्रेसिडेंट प्रवीण जैन ने सरकार से इस क्षेत्र के लिए नीतिगत समर्थन की मांग की। नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि देश आज ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। आज शहरी भारत में लगभग 37 प्रतिशत आबादी रहती है और यह देश की जीडीपी में लगभग 65 प्रतिशत का योगदान देता है। साल 2047 तक आधे से ज्यादा भारत शहरी होगा। उन्होंने शहरीकरण को रणनीतिक तरीके से आकार देने पर जोर दिया।

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