Budget 2026 : इनकम टैक्स चोरी पर जेल नहीं, सरकार का बड़ा ऐलान-अब क्या होगा?

Sun, Feb 01 , 2026, 03:14 PM

Source : Hamara Mahanagar Desk

Income tax penalty rules: बहुत से लोग अभी भी इनकम टैक्स (Income Tax) भरने की हिम्मत नहीं करते। आम नागरिक सख्त नियमों और मुश्किल प्रोसेस से डरता है। लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (Financial Year 2026-27) में उन्हें राहत मिली है। केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने लोकसभा (Lok Sabha) में कहा कि सरकार इकोनॉमिक पॉलिसी पर काम कर रही है। सरकार टैक्सपेयर्स का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ा ऐलान यह है कि अब अगर इनकम टैक्स छिपाया या चुराया तो जेल नहीं होगी। इस बीच, फॉरेन एक्सचेंज समेत प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों में आम नागरिक को बड़ी राहत दी गई है।

अब जेल नहीं, सिर्फ पेनल्टी

टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट को डीक्रिमिनलाइज़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर किसी टैक्सपेयर की इनकम में कोई दिक्कत है, अगर वह टैक्स छिपाता है या टैक्स चोरी करता पाया जाता है, तो ऐसे व्यक्ति को जेल नहीं होगी। ऐसे मामलों में सिर्फ पेनल्टी लगाकर मामला वहीं निपटा दिया जाएगा। यह नया बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। यह बदलाव नए इनकम टैक्स एक्ट का हिस्सा होगा। सरकार टैक्स सिस्टम को और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाने पर फोकस कर रही है। सरकार का मकसद टैक्सपेयर्स को डराना नहीं है। बल्कि, जिन लोगों के पास विदेश में अनडिक्लेयर्ड एसेट्स हैं, उन्हें ऐसा करने का मौका दिया जाएगा। अगले 6 महीनों में ऐसे लोग एसेट डिक्लेरेशन स्कीम के तहत अपने एसेट्स जमा कर सकेंगे।

ITR फाइलिंग में बड़ा सुधार

अगर ITR फाइल करते समय कोई जानकारी छूट जाती है या नहीं दी जाती है, तो उसे ठीक करने का प्रोसेस पहले मुश्किल था। केंद्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अब टैक्सपेयर्स को 'रिवाइज्ड रिटर्न' फाइल करने के लिए और समय दिया जाएगा। इसके लिए मामूली फीस ली जाएगी। इसलिए, सरकार टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करने के लिए बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।

तो, सरकार ने आज लोकसभा में घोषणा की है कि यह समय कितना लंबा होगा। ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स 31 जुलाई तक अपना रिटर्न फाइल कर सकेंगे। बिना ऑडिट वाले बिजनेस और ऑर्गनाइजेशन के लिए यह तारीख अब 31 अगस्त तय की गई है। इसके अलावा, छोटे टैक्सपेयर्स के लिए TDS सर्टिफिकेट (लोअर/निल TDS) लेने का प्रोसेस भी अब पूरी तरह से ऑटोमेटेड हो जाएगा। इसके लिए ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन इन टैक्सपेयर्स को टैक्स स्ट्रक्चर में कोई राहत नहीं दी गई है।

Latest Updates

Latest Movie News

Get In Touch

Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.

Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265

info@hamaramahanagar.net

Follow Us

© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups