नयी दिल्ली। सरकार (government) ने शुक्रवार को कहा कि रूसी सेना (Russian army) में भारत के 91 नागरिकों को भर्ती किया गया था जिनमें से आठ जान गंवा चुके हैं और 14 को छुट्टी दी जा चुकी है जबकि बाकी 69 भारतीय रिहाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं (Indians waiting for release)।
विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा,“ हमारे पास अब तक कुल मिलाकर 91 ऐसे भारतीय नागरिक हैं जिन्हें रूसी सेना में भर्ती किया गया था। दुर्भाग्य से, उनमें से आठ का निधन हो गया है। उनमें से 14 को छुट्टी दे दी गई है या किसी तरह से हमारी सहायता से वापस आ गए हैं जबकि 69 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जो रूसी सेना से रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।”
डाॅ. जयशंकर ने कहा,“ हमने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। मैंने स्वयं इसे रूसी विदेश मंत्री के साथ कई बार उठाया है और जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले महीने माॅस्को में थे तो उन्होंने इसे राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ व्यक्तिगत रूप से उठाया था और उन्हें श्री पुतिन का आश्वासन मिला था कि जो भी भारतीय नागरिक रूसी सेना की सेवा में हैं। छुट्टी दे दी गई और रिहा कर दिया गया।”
उन्होंने कहा, "समस्या यह है कि रूसी अधिकारियों का कहना है कि इन भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना के साथ सेवा के लिए अनुबंध किया है। हम ऐसा नहीं करते, हम आवश्यक रूप से इसकी सदस्यता नहीं ले रहे हैं। मैं माननीय सदस्य के विचार से सहमत हूं। मुझे लगता है कि कई मामलों में, यह संकेत देने के कारण हैं कि हमारे नागरिकों को गुमराह किया गया था, कि उन्हें बताया जा रहा था कि वे किसी अन्य नौकरी के लिए जा रहे थे और फिर उन्हें रूसी सेना में तैनात किया गया था।"
विदेश मंत्री ने इस बारे में की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा,“ केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने 19 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। उन्होंने उन लोगों की जांच की है, वे 14 लोग जो रूस से लौटे हैं। दस मानव तस्करों के खिलाफ पर्याप्त सबूत सामने आए हैं जिनकी पहचान हम जानते हैं। जांच के दौरान दो आरोपियों को 24 अप्रैल को और दो अन्य को सात मई को गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।”
विदेश मंत्री ने अन्य देशों में धोखाधड़ी से भारतीय कामगारों को ले जाने संबंधी प्रश्नों के उत्तर में कहा कि यह एक अलग मुद्दा है जो लोगों की साइबर तस्करी है, जिन्हें गुमराह करके दक्षिण पूर्व एशिया में ले जाया जा रहा है और साइबर घोटालों एवं संबंधित अपराधों के लिए काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा,“ मैंने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हमने इसे राजनीतिक स्तर पर सभी संबंधित सरकारों के समक्ष उठाया है।”
डाॅ. जयशंकर ने कहा कि अब तक कंबोडिया से 650, म्यांमार से 415 और लाओस से 548 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया है। उन्होंने कहा,“ यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए हमें बहुत सतर्क रहना होगा, और इससे बहुत सख्ती से निपटना होगा।”



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Fri, Aug 09 , 2024, 09:14 AM