मुंबई: भारत और मालदीव (India Maldives Relations) के बीच रिश्ते पिछले कुछ सालों में तनावपूर्ण रहे हैं. मालदीव भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों (India-Maldives Tension) में चीन का समर्थन करता दिख रहा है। यह बात सामने आई है कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohammed Muizzoo) की सरकार इस समय चीन के समर्थन के कारण संकट में है। यह बात सामने आई है कि भारत द्वारा मालदीव सेना (Maldives Army) को दान किए गए तीन विमानों को उड़ाने के लिए कोई भी योग्य नहीं है। मालदीव के रक्षा मंत्री ने खुद इस बात को स्वीकार किया है। रक्षा मंत्री घासन मौमून (Defense Minister Ghassan Maumoon) ने स्वीकार किया है कि मालदीव के पास फिलहाल भारत द्वारा दान किए गए विमानों को उड़ाने के लिए सक्षम पायलट नहीं हैं।
भारतीय सैनिकों के मालदीव छोड़ने के बाद के हालात
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार बनने के बाद उन्होंने चीन का समर्थन किया और भारतीय सेना (Indian Army) वापस भेज दिया। मोहम्मद मुइज्जू के आदेश के बाद 76 भारतीय रक्षाकर्मी मालदीव छोड़कर स्वदेश लौट आए हैं, जिसके बाद मालदीव के रक्षा मंत्री का ये बड़ा बयान सामने आया है। मालदीव के राष्ट्रपति द्वारा 10 मई, 2024 तक मालदीव में तीन विमानन प्लेटफार्मों पर काम करने वाले सभी भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस लाने का रुख अपनाने के बाद भारत और मालदीव के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।
भारतीय सेना ने मालदीव को दो हेलीकॉप्टर और एक डोर्नियर विमान उपलब्ध कराया था। हालाँकि, मालदीव के पास भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए विमानों को उड़ाने के लिए योग्य पायलट नहीं हैं। शनिवार 11 मई को राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मालदीव के रक्षा मंत्री घासन मौमून ने यह बात कही। उन्होंने यह जवाब मालदीव में तैनात भारतीय सैनिकों की वापसी के बाद दोबारा भारतीय सैनिकों के आने को लेकर पूछे गए सवाल पर दिया।
मालदीव के पास विमान उड़ाने के लिए योग्य पायलट नहीं है
मालदीव के रक्षा मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के पास एक भी सैन्यकर्मी नहीं है जो भारतीय सेना द्वारा दान किए गए तीन विमानों को संचालित कर सके। कुछ सैनिकों को पिछली सरकारों के साथ अनुबंध के तहत विमानन में प्रशिक्षित किया गया था।
रक्षा मंत्री घासन मौमून ने क्या कहा?
मालदीव के रक्षा मंत्री घासन मौमून ने कहा कि विमानन प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके लिए पायलटों को विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ा। कई कारणों से हमारे सैनिक इसे पूरा नहीं कर सके। तो वर्तमान स्थिति यह है कि हमारी सेना में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके पास भारत द्वारा जारी दो हेलीकॉप्टर और एक डोर्नियर विमान को उड़ाने का लाइसेंस हो या जिसके पास उड़ान का पूरा प्रशिक्षण हो।



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Mon, May 13 , 2024, 10:34 AM